होली पर DJ का फंडा

होली पर DJ का फंडा 

“पहले होली में लोग गले मिलते थे…

अब स्पीकर मिलते हैं!


पहले रंग लगाते थे प्यार से,

अब रंग से पहले कानों पर वार होता है!


होलिका दहन में हम अहंकार जलाते हैं,

लेकिन अगले दिन DJ पर फिर वही अहंकार नाचने लगता है।


जरा सोचिए…

होलिका बाहर जली या अंदर?

शोर ज्यादा है या शांति?


इस होली, रंग भी लगाएँ…

पर अपने मन को भी शांत रंग में रंगें।

क्योंकि असली मस्ती स्पीकर में नहीं,

संतुष्ट मन में है।” 

"मस्ती भी रहे, मर्यादा भी रहे — यही सच्ची होली है।”





Comments

Popular posts from this blog

सावन का दूसरा सोमवार

बसंत पंचमी पर मीठे पीले चावल रेसिपी

बसंत पंचमी का आध्यात्मिक महत्व | ज्ञान और विद्या का पर्व