सावन का दूसरा सोमवार
आज सावन का दूसरा सोमवार है और मैं दूसरा संकल्प लूंगी।
मैंने एक गमले में जामुन के बीज डाले थे, 15 दिन बाद इसमें से पौधा निकल आया, इसी गमले में आज मैं मिट्टी से पार्थिव शिवलिंग बनाकर दूसरा सोमवार की पूजा की।
और प्रार्थना की
🙏🏻 “हे मेरे परमात्मा!
दूसरे सोमवार के इस पावन अवसर पर,
मैं अपना संपूर्ण मन… बुद्धि… और संस्कार,
आपके चरणों में समर्पित करती हूं।
🌸 मेरे विचारों में मधुरता हो…
शब्दों में शीतलता…
और कर्मों में शुभता ही हो।
🌿 पहले सोमवार को मैंने अपने कड़वे और तीखे संस्कार छोड़े।
आज मैं संकल्प लेती हूं –
हर परिस्थिति में…
मैं शांत… करुणामयी… और स्नेहमयी रहूंगी।
🌺 यह घर केवल एक घर नहीं,
यह एक पावन मंदिर है,
जहां हर दीवार शिवमय है,
हर कोना शांति और प्रेम से गूंजता है।
🍃 जामुन के पौधे के नीचे स्थित पार्थिव शिवलिंग के माध्यम से,
मैं हर सांस में पावनता का अनुभव करूं।
यह पवित्र ऊर्जा मेरे जीवन, मेरे घर और मेरे हर संबंध को दिव्यता से भर दे।
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