प्रह्लाद की अटूट भक्ति (होलिका दहन की कहानी)
प्रह्लाद की अटूट भक्ति (होलिका दहन की कहानी)
प्रह्लाद की अटूट भक्ति
बहुत समय पहले एक शक्तिशाली असुर राजा था —
हिरण्यकश्यप।
वह चाहता था कि पूरी दुनिया उसी की पूजा करे।
लेकिन उसका छोटा सा बेटा —
प्रह्लाद
केवल भगवान विष्णु का नाम जपता था।
राजा ने बहुत समझाया, डाँटा, धमकाया…
लेकिन प्रह्लाद का विश्वास नहीं डिगा।
🔥 होलिका की योजना
हिरण्यकश्यप की बहन थी —
होलिका।
उसे वरदान था कि वह अग्नि में नहीं जलेगी।
योजना बनी —
होलिका प्रह्लाद को गोद में लेकर आग में बैठेगी।
सोचा गया — बच्चा जल जाएगा, होलिका बच जाएगी।
✨ चमत्कार
अग्नि प्रज्वलित हुई।
प्रह्लाद शांत मन से “नारायण… नारायण…” जपता रहा।
लेकिन हुआ उल्टा —
होलिका जल गई, और प्रह्लाद सुरक्षित बाहर आ गया।
क्यों?
क्योंकि होलिका ने वरदान का दुरुपयोग किया था,
और प्रह्लाद का मन सच्चा और निर्मल था।
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